मंडी, धर्मवीर – भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने चेस्टर हिल विवाद को लेकर प्रदेश को घेरते हुए कहा कि हिमाचल में इस समय शासन नहीं, बल्कि अफसरों के बीच खुली खींचतान चल रही है। सरकार के शीर्ष अधिकारी आपस में ही उलझे हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री को इसकी कोई सुध नहीं है। यह स्थिति दर्शाती है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रशासनिक पकड़ कमजोर हो चुकी है। एक ओर अधिकारी सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में जाकर विकास के दावे करने में व्यस्त हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और अफसरशाही ने मिलकर प्रदेश को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। हर विभाग में अव्यवस्था, मनमानी और भ्रष्टाचार हावी है। न जवाबदेही तय है और न ही कानून का डर दिखाई देता है। यही कारण है कि चेस्टर हिल जैसे मामलों में सच्चाई सामने आने के बजाय अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशा माफिया, खनन माफिया और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल गिरोह खुलेआम सक्रिय हैं, लेकिन सरकार इन पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए केवल विपक्ष पर आरोप लगाने में जुटी है।उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में प्रदेश के हित में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा, अफसरशाही पर नियंत्रण स्थापित करना होगा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा। अन्यथा आने वाले समय में जनता इस सरकार को करारा जवाब देने के लिए तैयार है।