Summer Express, नोएडा | उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला हाल ही में नोएडा में हुए श्रमिकों के प्रदर्शन और औद्योगिक हालात को देखते हुए लिया गया है।
गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों के बाद मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात मंजूरी दी।
नई मजदूरी दरें तय
संशोधित दरों के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह मिलेगा।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन 13,006 रुपये, अर्ध-कुशल का 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16,025 रुपये तय किया गया है। वहीं अन्य जिलों में यह क्रमशः 12,356 रुपये, 13,591 रुपये और 15,224 रुपये होगा।
प्रदर्शन के बाद आया फैसला
यह निर्णय उस समय लिया गया है जब नोएडा में फैक्टरी श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने और बेहतर कामकाजी हालात की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गए थे, जिसके बाद सरकार ने बातचीत और समाधान के लिए समिति गठित की थी।
सरकार का कहना है कि उद्योगों और श्रमिकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लिया गया है।
फर्जी खबरों पर सरकार की चेतावनी
सरकार ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही उन खबरों को भी खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये कर दिया गया है। प्रशासन ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगे वेतन बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर अंतिम मजदूरी संरचना तय की जाएगी।