Summer express, डिब्रूगढ़। खालिस्तान समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि समाप्त होते ही पंजाब पुलिस ने उन्हें वर्ष 2023 के चर्चित अजनाला थाना हिंसा मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया। अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया, जहां पुलिस ने 15 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने केवल दो दिन की पुलिस हिरासत की मंजूरी दी।
सुरक्षा कारणों और खुफिया इनपुट को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अमृतपाल सिंह को पंजाब लाने की अनुमति नहीं दी है। वह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में ही रहेंगे और आगे की सभी कानूनी प्रक्रियाएं वर्चुअल माध्यम से ही पूरी की जाएंगी।
मामले में बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह केस तीन साल पुराना है और पुलिस पहले ही अधिकांश साक्ष्य जुटा चुकी है। ऐसे में अब नई बरामदगी और आगे की जांच की आवश्यकता पर सवाल उठते हैं। वकील ने यह भी कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है।
गौरतलब है कि यह मामला फरवरी 2023 की उस घटना से जुड़ा है, जब अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों ने एक सहयोगी की रिहाई की मांग को लेकर अजनाला पुलिस थाने पर हमला कर दिया था। आरोप है कि इस दौरान बैरिकेड्स तोड़े गए, थाने में घुसकर हंगामा किया गया और पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में अमृतपाल सिंह पर हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराएं दर्ज हैं।