Summer express/ऊना, राकेश -:हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले राज्य सरकार द्वारा किए गए नियम बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। नए प्रावधानों के अनुसार, दूसरे राज्यों से विवाह कर हिमाचल में आईं OBC, SC और ST वर्ग की महिलाएं अब पंचायती चुनावों में आरक्षित सीटों से चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। ऐसे मामलों में इन महिलाओं को सामान्य वर्ग में माना जाएगा।
इसी नियम के चलते ऊना जिले की हरोली विधानसभा के अंतर्गत बाथू जिला परिषद वार्ड में भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थित प्रत्याशी बदलना पड़ा। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोज़ी चौधरी का नाम वापस होने के बाद अब ललड़ी गांव की पूर्व प्रधान संयोगिता चौधरी चुनाव मैदान में उतरेंगी। संयोगिता ने पहले कवरिंग प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था।भाजपा ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला हिमाचल में विवाह कर आई महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के खिलाफ है। भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राम कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले से कई योग्य महिलाएं चुनाव लड़ने से वंचित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को कानूनी स्तर पर भी उठाएगी।वहीं, कांग्रेस सरकार की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनावों से पहले यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा चुनावी विषय बन सकता है।