Summer express/कांगड़ा, संजीव -:कांगड़ा जिले के नूरपुर में आयुष विभाग से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जहां आयुष उपमंडल अधिकारी नूरपुर ने जिला आयुष अधिकारी कांगड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने जारी बयान में कहा कि पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित तरीके से प्रायोजित किया गया है और निजी पत्रों को सार्वजनिक कर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उपमंडल अधिकारी ने आरोप लगाया कि जिला आयुष अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले एक चिकित्सक के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई। जब वह शिकायत तथ्यों पर खरी नहीं उतरी तो बाद में एक एसोसिएशन के जरिए दोबारा मामला उठाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद अब संबंधित अधिकारी स्वयं सवालों के घेरे में हैं।विवाद का एक बड़ा मुद्दा हाल ही में आयोजित बैठक को लेकर भी सामने आया है। आयुष उपमंडल अधिकारी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर बैठक में नहीं बुलाया गया, जबकि बैठक का आयोजन संबंधित एसोसिएशन की ओर से तय किया गया था। उन्होंने मीडिया में यह दावा किए जाने को भी झूठ बताया कि उन्हें बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था। उनके अनुसार यदि उन्हें औपचारिक रूप से बुलाया जाता तो वे अपना पक्ष अवश्य रखते।
उपमंडल अधिकारी ने कहा कि जिला आयुष अधिकारी की ओर से लगाए गए सभी आरोप विभाग की छवि खराब करने वाले हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जल्द जनता के सामने आएगी।
वहीं दूसरी ओर, जब इस पूरे विवाद को लेकर जिला आयुष अधिकारी बृजनंदन शर्मा से बात की गई तो उन्होंने उपमंडल अधिकारी के आरोपों को मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की आपत्ति थी तो उसे लिखित रूप में विभाग को भेजा जाना चाहिए था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोग्य निधि को लेकर एएमओ द्वारा शिकायत की गई थी और जो चैक लिए जा रहे थे वे किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर नहीं बल्कि वीएसएनएल के नाम से लिए जा रहे थे।जिला आयुष अधिकारी ने यह भी कहा कि नूरपुर से उन्हें कोई व्यक्तिगत चैक न तो मिला है और न ही लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि बैठक में एएमओ और एसडीएमओ को बुलाया गया था और यदि उपमंडल अधिकारी अपनी बात रखना चाहते तो बैठक में आकर रख सकते थे।