Summer express/हमीरपुर, अरविंद -:हमीरपुर में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में बुधवार को जिलेभर की निजी मेडिकल दुकानें बंद रहीं। हिमाचल प्रदेश राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर केमिस्ट समुदाय ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकते नजर आए।
हड़ताल के कारण खासकर उन मरीजों को अधिक परेशानी हुई जो रोजाना दवाइयों पर निर्भर हैं। सरकारी अस्पतालों और दुकानों में सभी जरूरी दवाइयां उपलब्ध न होने से लोगों की चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक स्वास्थ्य खराब होने की स्थिति में जीवनरक्षक दवाइयां और इंजेक्शन तुरंत उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है।दवा लेने पहुंचे अश्वनी ने बताया कि वह सुबह जरूरी दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन सरकारी दुकान पर दवा नहीं मिली। इसके बाद निजी मेडिकल स्टोर भी बंद मिले। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की ताकि मरीजों को समय पर दवाइयां मिल सकें।वहीं राजेश कुमार और अशोक ने बताया कि वे पीजीआई चंडीगढ़ से इलाज करवा रहे हैं और रोजाना दवा लेना उनके लिए जरूरी है। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें दवाइयां नहीं मिल पाईं। उन्होंने कहा कि सरकार को केमिस्ट्स की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।केमिस्ट व्यवसायी गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे दुकानदारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने माना कि हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।
हमीरपुर जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश शर्मा ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित जांच के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों की भारी छूट नीति से छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं। केमिस्ट समुदाय ने केंद्र सरकार से मरीजों की सुरक्षा और छोटे दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।