Summer express, सोलन। सोलन शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाली अश्वनी खड्ड पेयजल योजना पर अब प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है। शहर की मुख्य जल आपूर्ति का स्रोत मानी जाने वाली अश्विनी नदी में पर्यटकों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी के कारण जल स्रोत दूषित होने की आशंका बढ़ गई है। साधुपाल पुल के पास बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक नदी किनारे मौज-मस्ती कर रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार पर्यटक नदी में स्नान करने, पिकनिक मनाने और मनोरंजन गतिविधियों के दौरान प्लास्टिक कचरा, खाने-पीने का सामान और अन्य अपशिष्ट सीधे नदी में फेंक रहे हैं। लगातार बढ़ती इस गंदगी का असर अब नदी की स्वच्छता और जल गुणवत्ता पर पड़ने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो सोलन शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन द्वारा पहले भी कई बार स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि अश्विनी नदी के किनारे किसी भी प्रकार की पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसके बावजूद साधुपाल क्षेत्र में पर्यटकों की भीड़ लगातार जुट रही है और नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
अश्विनी नदी क्षेत्र कभी प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय माना जाता था, लेकिन अनियंत्रित पर्यटन गतिविधियों ने अब इस क्षेत्र को पर्यावरणीय संकट की ओर धकेल दिया है। नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोग भी चिंता जता रहे हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह अपने आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू कर पाता है या नहीं। यदि जल्द सख्ती नहीं बरती गई तो सोलन की पेयजल सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो सकता है।