Summer express, पानीपत | हरियाणा के पानीपत और आसपास के जिलों के यात्रियों को गुरुवार को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुराने बस अड्डा परिसर में नवनिर्मित इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन कर प्रदेश में 80 नई लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और परिवहन मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे।
इन नई ई-बसों में सबसे बड़ा हिस्सा पानीपत जिले को मिला है। जिले को 40 नई इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जबकि पहले से संचालित पांच एसी ई-बसों को मिलाकर अब पानीपत के बेड़े में कुल 45 आधुनिक बसें शामिल हो गई हैं। ये बसें आज से 13 अलग-अलग रूटों पर सेवाएं देंगी, जिससे यात्रियों को गर्मी और प्रदूषण से राहत के साथ आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
सरकार ने इन बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। प्रत्येक बस में सात सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही हर सीट के पास एसओएस अलार्म बटन दिया गया है, जिसे दबाते ही ड्राइवर और कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना पहुंचेगी। आधुनिक तकनीक से लैस ये बसें एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 150 किलोमीटर तक चल सकेंगी।
बस संचालन के लिए जेबीएम कंपनी की ओर से 110 ड्राइवर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि कंडक्टर हरियाणा रोडवेज के होंगे। पानीपत डिपो में दो महिला कंडक्टरों सोनिया और रजनी की भी नियुक्ति की गई है। शुरुआती दौर में यात्रियों को मैनुअल टिकट जारी किए जाएंगे, बाद में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें शुरू की जाएंगी।
रोडवेज अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन प्रीमियम एसी ई-बसों में हैप्पी कार्ड, वरिष्ठ नागरिक पास और अन्य रियायती पास मान्य नहीं होंगे। हालांकि पांच साल तक के बच्चों का सफर मुफ्त रहेगा, जबकि 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए आधा किराया लिया जाएगा।
नई बसों का संचालन पानीपत-शामली, गोहाना, करनाल, सफीदों, सोनीपत और सिंधू बॉर्डर सहित कई प्रमुख रूटों पर किया जाएगा। इसके अलावा शहर के लोकल रूटों पर भी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ई-डिपो परिसर और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक हरे रंग से सजाया गया है, जिससे शहर को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पहचान देने का प्रयास किया गया है।