Summer express, सुन्दर कुंडू , पलवल। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा के गेस्ट शिक्षकों को नियमित करने के संबंध में दिए गए अहम फैसले के बाद प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में गेस्ट शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पलवल में हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि यह निर्णय हजारों गेस्ट शिक्षकों के लगभग दो दशक लंबे संघर्ष का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने वर्षों तक अपने अधिकारों की मांग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई और अब उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करती रहेगी।
गौरव गौतम ने कहा कि यदि किसी भी शिक्षक को अपनी बात सरकार या मुख्यमंत्री तक पहुंचानी हो, तो वह उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का काम करेंगे। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 12,700 गेस्ट शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति के तहत दो महीने के भीतर उनकी सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि पिछले करीब 20 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे शिक्षकों को अस्थायी कर्मचारी बनाकर नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इन शिक्षकों को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जाने वाले “स्पेयर पार्ट” की तरह नहीं देखा जा सकता। साथ ही नियमितीकरण के बाद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ते और अन्य सभी सुविधाएं देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी माना कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया, विज्ञापन, चयन समिति और मेरिट के आधार पर हुई थीं, इसलिए इन्हें बैकडोर एंट्री नहीं कहा जा सकता। अदालत के इस फैसले को प्रदेश के हजारों गेस्ट शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक और राहत भरा निर्णय माना जा रहा है।