Summer express, हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से छह श्रमिकों की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यदायी संस्था के मालिक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, लापरवाही के आरोप में एक सहायक अभियंता को भी निलंबित कर दिया गया है। हादसे के बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, लालपुरा थाना क्षेत्र के परसानी और कंदौर गांवों के बीच बेतवा नदी पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा था। शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे तेज आंधी के दौरान निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय कई श्रमिक मौके पर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। घटना में छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मामले में राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार की शिकायत पर कुरारा थाने में कार्यदायी संस्था के मालिक पवन प्रताप सिंह और ठेकेदार नितीश कुमार के खिलाफ सरकारी कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।
हादसे के बाद शासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। निर्माण कार्य की निगरानी में कथित लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता गजेंद्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। वहीं अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद घायल हुए हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।