Summer express/मंडी, धर्मवीर -:मंडी जिला से पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कौल सिंह की बेटी को एक साथ दो-दो झटके लगे हैं। जिला में कांग्रेस की कमान संभाले चंपा ठाकुर को सोमवार सुबह नगर निगम मंडी के चुनावी नतीजों से मिला गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि बीती देर रात उन्हें जनता ने एक और झटका दे किया। सदर क्षेत्र के जिला परिषद कोटली वार्ड की जनता ने उन्हे यह झटका दिया है। सदर से दो विधायकी का चुनाव लड़ चुकी चंपा को इस बार जनता ने जिला परिषद से भी नकार दिया है।
बता दे कि कौल सिंह की बेटी चंपा ने कोटली-31 जिला परिषद सीट से चुनाव ल़ड़ा और उन्हें भाजपा समर्थित हेमलता ने 2464 मतों से हार का सामना करना पड़ा है। निवार्चन परिणाम के अनुसार भाजपा समर्थित हेमलता को 8659 और चंपा ठाकुर को 6195 मत मिले हैं। अब यूं कहा जाए कि इस सीट पर चंपा ठाकुर अपनी लाज भी नहीं बचा पाई है तो यह कहना भी गलत नहीं होगा। यहां यह भी याद रखना होगा कि चुनावी प्रचार प्रसार के दौरान इस सीट पर भाजपा ने चंपा ठाकुर पर पार्टी समर्थित उम्मीदवार पर दबाव डालने का भी गंभीर आरोप लगा चुकी है। क्या यही कारण है कि कोटली की जनता को चंपा ठाकुर की यह राजनीति जरा भी रास नहीं आयी। या फिर कई दशकों से पूर्व मंत्री व सदर विधानसभा अनिल शर्मा के परिवार के प्रभाव के चलते भाजपा जीतने में कामयाब हुई। अब बात चंपा ठाकुर की जाए तो वह लंबे समय से मंडी की राजनीति में सक्रिय हैं और इसी साल कांग्रेस ने उन्हें जिला अध्यक्ष की कमान भी सौंपी है। जिला परिषद का अपना पांचवां लड़ने वाली, चंपा ठाकुर एक बार जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। लेकिन इस बार जिस तरह से जनता ने उन्हें नकारा हैं, पार्टी में उनके राजनीतिक भविष्य के लिए कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।