Summer express, अमृतसर। अमृतसर में 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने के बाद हुई मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों द्वारा स्कूल प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, राज्य सरकार ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
मृतक छात्रा की मां ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में मेधावी थी और उसने दसवीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल किए थे। उनका आरोप है कि प्लस-वन में प्रवेश लेने के बाद स्कूल के कुछ अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा छात्रा पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि पढ़ाई के अतिरिक्त कई अन्य जिम्मेदारियां भी उस पर डाली गईं, जिससे वह तनाव में रहने लगी थी।
परिजनों के अनुसार 22 मई को छात्रा को स्कूल ले जाया गया था, जहां हुई बातचीत के बाद वह बेहद परेशान हो गई। इसके कुछ समय बाद उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। गंभीर हालत में उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन बाद में तबीयत फिर बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मां ने आरोप लगाया कि घटना के बाद स्कूल प्रशासन का कोई प्रतिनिधि छात्रा का हालचाल जानने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।
उधर, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फोर्टिस अस्पताल से मिली सूचना के बाद जांच शुरू की गई। छात्रा के पिता के बयान के आधार पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।