Summer express, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले और उनके पति मोहम्मद फरमान खान से जुड़े विवाह विवाद मामले में केरल हाईकोर्ट ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में हुई टिप्पणियों और दोनों पक्षों की दलीलों ने इस प्रकरण को और सुर्खियों में ला दिया है।
सुनवाई के दौरान मोनालिसा और फरमान खान की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि दंपति को मध्य प्रदेश में लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वे फिलहाल केरल में हैं, जहां उन्हें सुरक्षा का माहौल मिला हुआ है। अदालत ने संकेत दिए कि याचिका पर आदेश जल्द जारी किया जा सकता है।
शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
मोनालिसा भोसले वर्ष 2025 के कुंभ मेले के दौरान वायरल हुए वीडियो के बाद चर्चा में आई थीं। इसके बाद उन्होंने केरल में मोहम्मद फरमान खान से विवाह किया। विवाह के कुछ समय बाद उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाया गया कि शादी के समय मोनालिसा कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम आयु से कम थीं।
दंपति की ओर से अदालत में कहा गया कि विवाह के समय मोनालिसा बालिग थीं और बाद में उनके सरकारी रिकॉर्ड में कथित रूप से बदलाव किए गए। वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार की तरफ से पेश पक्ष ने दावा किया कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मोनालिसा की जन्मतिथि दिसंबर 2009 है, जिससे विवाह के समय उनकी आयु कानूनी सीमा से कम बनती है।
अदालत ने उठाए महत्वपूर्ण सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि यदि कथित पीड़िता स्वयं अपने पति के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर रही है तो मामले के कुछ पहलुओं को किस आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं राज्य पक्ष ने संकेत दिए कि मामले में अपहरण के साथ-साथ कथित दस्तावेजी हेरफेर और जालसाजी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा सकती है।
दो राज्यों में चल रही कानूनी प्रक्रिया
यह मामला अब केरल और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है। तिरुवनंतपुरम की विशेष अदालत में भी इस प्रकरण से संबंधित शिकायतें दायर की गई हैं। फिलहाल सभी की निगाहें हाईकोर्ट के उस फैसले पर टिकी हैं, जो अग्रिम जमानत याचिका पर आने वाला है और मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।