Summer express/कुल्लू/मनमिंदर अरोड़ा: नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार के कई फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल में अनावश्यक खर्चों से बचने की जरूरत है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह को शिमला में आयोजित करने के निर्णय को गलत बताते हुए कहा कि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ कार्यक्रम पहले जिला स्तर पर या फिर दो-तीन जिलों को मिलाकर आयोजित किए जाते रहे हैं। इससे प्रशासनिक खर्च कम होता था और प्रतिनिधियों को भी सुविधा मिलती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और कार्यक्रमों का आयोजन जिला स्तर पर ही करना चाहिए, ताकि फिजूलखर्ची से बचा जा सके।इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बाहरी राज्यों के भारी वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स का मुद्दा भी उठाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस टैक्स के कारण प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एंट्री टैक्स से हिमाचल को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा, बल्कि व्यापार और परिवहन गतिविधियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वह विधानसभा में भी उठा चुके हैं और वर्तमान परिस्थितियों में सरकार को इस नीति में संशोधन करने पर विचार करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ व्यापारिक और परिवहन संबंधों को सुगम बनाए रखने के लिए व्यावहारिक निर्णय लेने आवश्यक हैं।साथ ही उन्होंने पंजाब में लगाए जा रहे कथित “खालसा टैक्स” का भी जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री को इस विषय पर पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत करनी चाहिए, ताकि दोनों राज्यों के लोगों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।