Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला | उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही गर्मी और तेज धूप के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नागरिक अस्पताल अंबाला कैंट की मेडिकल ऑफिसर डॉ. रचना बंसल ने कहा कि गर्मी का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए उन्हें अपनी सेहत और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
डॉ. रचना बंसल ने बताया कि गर्मियों में शरीर से अधिक पसीना निकलने के कारण पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ऐसे फलों का अधिक सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा भरपूर होती है। तरबूज, खरबूजा, खीरा और अन्य मौसमी फलों को दैनिक आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। इसके साथ ही ताजा और पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए।
डॉ. बंसल ने बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों और बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी। उनका कहना है कि गर्मी में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे संक्रमण और पेट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए केवल ताजा और स्वच्छ भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं। इनमें महिलाओं को संतुलित आहार, गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियां, नवजात शिशु की देखभाल और मौसम के अनुसार स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है।
डॉ. रचना बंसल ने कहा कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं और बड़ी संख्या में महिलाएं इन सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी के बीच थोड़ी सी सावधानी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।