Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट से बड़ी संख्या में छात्रों का निजी डेटा लीक होने का दावा सामने आया है। साइबर सुरक्षा से जुड़े एक शोधकर्ता ने आरोप लगाया है कि वेबसाइट में मौजूद तकनीकी खामी के कारण 10 लाख से अधिक छात्रों की संवेदनशील जानकारी अनधिकृत रूप से सार्वजनिक पहुंच में आ गई।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने दावा किया कि वेबसाइट की सुरक्षा में गंभीर खामी के चलते छात्रों की 10वीं और 12वीं कक्षा की मार्कशीट, फोटो तथा अन्य व्यक्तिगत दस्तावेजों तक पहुंच संभव हो गई थी। शोधकर्ता के अनुसार इस समस्या की जानकारी कई सप्ताह पहले संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से दी गई थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद मामले को सार्वजनिक किया गया।
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि कुछ तकनीकी कमजोरियों के कारण छात्रों के दस्तावेज और व्यक्तिगत विवरण बिना उचित सुरक्षा के उपलब्ध हो सकते थे। हालांकि, इन दावों की अब तक स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में शैक्षणिक संस्थानों और परीक्षा प्रणालियों की साइबर सुरक्षा को लेकर लगातार चिंताएं बढ़ रही हैं। हाल के महीनों में विभिन्न शैक्षणिक पोर्टलों पर डेटा सुरक्षा से जुड़े मामलों ने भी संस्थानों की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डेटा लीक के ये दावे सही साबित होते हैं, तो इससे छात्रों की निजता पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में पहचान चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल हरियाणा सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस कथित डेटा लीक को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि जारी नहीं की गई है। मामले की सत्यता और संभावित प्रभाव को लेकर जांच तथा विभागीय स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।