Summer express, मनीला। दक्षिणी फिलीपीन के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी। रिक्टर स्केल पर 8.1 तीव्रता दर्ज किए गए इस भूकंप में अब तक कम से कम आठ लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। भूकंप के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता को बयां कर रहे हैं।
स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आए भूकंप का केंद्र जनरल सैंटोस शहर के निकट करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। तेज झटकों के कारण लोग घरों, कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झटके इतने तीव्र थे कि कई लोग संतुलन खो बैठे और कई इमारतों में दरारें आ गईं।
भूकंप के बाद सामने आए वीडियो में बहुमंजिला इमारतों को हिलते हुए, दीवारों के हिस्से गिरते हुए और लोगों को जान बचाने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है। कई क्षेत्रों में भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ स्थानों पर इमारतें मलबे में तब्दील होने की खबरें भी सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
आपदा के बाद तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई, जिससे लोगों में दहशत और बढ़ गई। कुछ इलाकों में लगभग तीन फुट ऊंची लहरें दर्ज की गईं। एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को समुद्र तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने नागरिकों से समुद्र तटों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
फिलीपीन के राष्ट्रपति फर्डिनेंड “बोंगबोंग” मार्कोस जूनियर ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। भूकंप के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
इस शक्तिशाली भूकंप के झटके फिलीपीन से बाहर भी महसूस किए गए। इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी और उत्तरी मलुकु क्षेत्रों के अलावा ताइवान, जापान, गुआम और पापुआ न्यू गिनी सहित प्रशांत क्षेत्र के कई देशों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य आगे बढ़ने के साथ हताहतों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।