एजेंसी | श्रीनगर
वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को बाबा अमरनाथ की प्रथम पूजा (प्रथम पूजन) कर यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुखद, सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों, संत समाज तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया।
इस वर्ष बाबा अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त को पवित्र छड़ी मुबारक के अमरनाथ गुफा पहुंचने के साथ संपन्न होगी। यात्रा के लिए श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग और अपेक्षाकृत छोटे लेकिन कठिन बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंच सकेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने बताया कि मार्गों पर सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं, आवास, पेयजल, स्वच्छता, संचार और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न पड़ावों पर स्वास्थ्य शिविर, कंट्रोल रूम और सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
यात्रा से पहले दोनों मार्गों पर सड़क मरम्मत, ट्रैक की सफाई और लंगर स्थलों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जबकि ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों के माध्यम से लगातार नजर रखी जाएगी। प्रशासन ने मौसम की स्थिति पर भी विशेष निगरानी रखने की व्यवस्था की है ताकि खराब मौसम की स्थिति में श्रद्धालुओं को समय पर जानकारी और सहायता मिल सके।
बड़ी संख्या में पंजीकरण: देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर निकलें, स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और प्रशासन की एडवाइजरी का अनुपालन करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, वर्षा से बचाव के साधन, आवश्यक दवाइयां और पर्याप्त स्वास्थ्य सावधानियों के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।