पंजाब सरकार महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की अपनी चुनावी गारंटी को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि योजना के लाभार्थियों को जुलाई से उनके मोबाइल फोन पर आधिकारिक संदेश (एसएमएस) मिलना शुरू होगा।
इस संदेश में योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी और आगे की प्रक्रिया बताई जाएगी। इसी बीच पंजाब पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए स्पष्ट किया है कि योजना के नाम पर फर्जी कॉल, लिंक या बैंक संबंधी जानकारी मांगने वालों से सावधान रहें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार महिलाओं तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर रही है। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को किसी भी प्रकार के बिचौलिये के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार की ओर से अधिकृत मोबाइल संदेश के माध्यम से ही आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल सरकारी माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। योजना के क्रियान्वयन के लिए पात्र लाभार्थियों का डाटा तैयार करने, विभागों के बीच समन्वय और तकनीकी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से लाभार्थियों की अंतिम संख्या और विस्तृत पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाने बाकी हैं।
लोगों को सतर्क रहना जरूरी: विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के दौरान साइबर अपराधी अक्सर लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाकर ठगी करने का प्रयास करते हैं। वे फर्जी पंजीकरण, प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज सत्यापन या पुरस्कार के नाम पर लोगों से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करना जरूरी है। योजना को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा जारी है।
विपक्ष सरकार से योजना के क्रियान्वयन की समयसीमा, पात्रता और बजटीय प्रावधानों को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकार अपनी गारंटी पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है और तय प्रक्रिया के अनुसार लाभार्थियों तक राशि पहुंचाई जाएगी।
साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें
फिलहाल सरकार की ओर से जुलाई में आधिकारिक संदेश भेजने की घोषणा के बाद महिलाओं में योजना को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि लाभार्थियों को केवल सरकारी माध्यमों से जारी सूचना पर ही विश्वास करना चाहिए। यदि किसी प्रकार का संदेह हो तो संबंधित सरकारी विभाग या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
ऐसे में योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं से विशेष सावधानी बरतने और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की अपील की गई है।
साइबर क्राइम विंग ने जारी की एडवाइजरी
योजना की घोषणा के बाद साइबर ठगों के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने कहा है कि कुछ असामाजिक तत्व महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर फोन कर सकते हैं या मोबाइल पर फर्जी लिंक भेज सकते हैं। ऐसे मामलों में बैंक खाता संख्या, एटीएम कार्ड, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या आधार से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगी जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकार या कोई भी सरकारी विभाग योजना का लाभ देने के लिए फोन पर ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन या बैंकिंग विवरण नहीं मांगता। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की कॉल या संदेश प्राप्त होता है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें और संबंधित नंबर की सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने और केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की है।