Summer express/बिलासपुर, सुभाष -:जिले में पिछले कुछ दिनों के दौरान हुई अच्छी बारिश ने मक्की की खेती करने वाले किसानों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर दी हैं। कृषि विभाग के अनुसार खेतों में पर्याप्त नमी बनने से अब मक्की की बुवाई में तेजी आने की संभावना है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे एक-दो दिन धूप निकलने के बाद बुवाई करें, ताकि बीजों का अंकुरण बेहतर हो और फसल की अच्छी शुरुआत हो सके।
उप निदेशक कृषि विभाग बिलासपुर कुलभूषण धीमान ने बताया कि जिले का कुल शुद्ध बोया गया क्षेत्र करीब 32 हजार हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र मक्की आधारित खेती के अंतर्गत आता है। अब तक जिले के 40 से 50 प्रतिशत क्षेत्र में मक्की की बुवाई पूरी हो चुकी है, जबकि हाल ही में हुई बारिश के बाद शेष क्षेत्रों में भी बुवाई का कार्य तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मक्की की बुवाई का समय अंतिम चरण में है, इसलिए किसान मौसम का लाभ उठाते हुए समय पर बुवाई करें।उन्होंने जानकारी दी कि जिले के लिए लगभग 1,500 क्विंटल मक्की बीज की मांग के अनुरूप समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। विभिन्न किस्मों के बीज सभी विकास खंडों में पहुंचाए गए और अधिकांश किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में भी सीमित मात्रा में बीज उपलब्ध है तथा जिले में कहीं से भी बीज की कमी की सूचना नहीं मिली है।
कृषि विभाग ने उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी किसानों को आश्वस्त किया है। मिश्रित उर्वरक और यूरिया विभिन्न बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आवश्यकता के अनुसार किसानों को वितरित किए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि किसानों को खाद और बीज के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कुलभूषण धीमान ने बताया कि विभाग में विस्तार (एक्सटेंशन) स्टाफ की कमी होने के बावजूद लाइसेंसधारी बीज एवं उर्वरक विक्रेताओं तथा सहकारी समितियों के सहयोग से किसानों तक समय पर कृषि सामग्री पहुंचाई गई। विभाग का प्रयास है कि किसानों को उनके घर के नजदीक ही सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों, जिससे खरीफ सीजन की बुवाई सुचारु रूप से पूरी हो सके।