Summer express, अंबाला , अंकुर कपूर | अंबाला में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में उस समय माहौल गर्म हो गया, जब विकास कार्यों में देरी और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक के दौरान अधूरे विकास कार्यों की जानकारी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कार्रवाई के निर्देश देते हुए नाराजगी में बैठक बीच में ही छोड़ दी।
दिशा (DISHA) की बैठक में अंबाला लोकसभा सांसद वरुण चौधरी और राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान सांसद निधि क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कई कार्य समय पर पूरे नहीं होने का मामला सामने आया। इस पर सांसद कार्तिकेय शर्मा ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट मंशा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। लेकिन कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के कारण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान सांसद ने एक अधिकारी के कार्यों पर असंतोष जताते हुए उसके तबादले के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही और जनता से जुड़े मामलों में ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक छोड़ने के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भी अधिकारियों का रवैया नहीं बदला तो वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि जनता के विकास से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और सभी विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। सांसद ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर लंबित परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश भी दिए।