Summer express, कैथल,बलिंदर कुमार | कैथल जिला परिषद ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में गांवों की फिरनी पर आधुनिक 90 वाट की एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। वहीं, जिला परिषद ने खुले बोरवेलों को बंद कराने का अभियान भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। जिला प्रशासन का दावा है कि जिले के किसी भी गांव में अब खुला बोरवेल नहीं है।
पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता अंकुर गर्ग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने, रात के समय आवागमन को सुरक्षित बनाने और गांवों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से यह विशेष परियोजना शुरू की गई है। इसके तहत गांवों की फिरनी पर बजाज कंपनी की 90 वाट क्षमता वाली उच्च गुणवत्ता की एलईडी स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस दौरान जिले के 35 गांवों में कुल 1,789 एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिससे इन गांवों की फिरनी रात के समय रोशनी से जगमगा उठी है।
वर्तमान में दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है। इस चरण में भी 35 गांवों का चयन किया गया है, जहां 1,334 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन गांवों में भी जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अंकुर गर्ग ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में ग्राम सचिवों, सरपंचों और ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगने से गांवों में रात के समय आवागमन अधिक सुरक्षित होगा और ग्रामीण क्षेत्रों की सुंदरता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही जिला परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खुले बोरवेलों को बंद कराने का विशेष अभियान भी चलाया। इस संबंध में जिले की सभी सातों सब-डिवीजनों के एसडीओ को निर्देश जारी किए गए थे कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी गांव में कोई बोरवेल खुला न रहे। यदि कहीं खुला बोरवेल मिले तो उसे तत्काल सुरक्षित तरीके से ढककर बंद कराया जाए।
जिला परिषद को सातों सब-डिवीजनों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार संबंधित अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश जारी करने के साथ मौके पर निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान जिले के किसी भी गांव में खुला बोरवेल नहीं पाया गया। इससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों ने इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की है।
कार्यकारी अभियंता अंकुर गर्ग ने कहा कि जिला परिषद भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाती रहेगी, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।