Summer express, जींद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित जींद दौरे और जनसभा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विश्राम गृह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक की थी, वहीं आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाए गए सभी 21 फायर सिलिंडर एक्सपायर पाए गए। इस खुलासे ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और भवन की फायर सेफ्टी तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मंत्रियों और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए इसी विश्राम गृह में वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार बैठकें हो रही हैं। इसके बावजूद फायर सेफ्टी उपकरणों की वैधता समाप्त होने जैसी गंभीर खामी पर किसी स्तर पर ध्यान नहीं दिया गया।
विश्राम गृह में कुल 21 अग्निशमन सिलिंडर लगाए गए हैं। इनमें भूतल पर 10, सीढ़ियों के पास दो और प्रथम तल पर नौ सिलिंडर स्थापित हैं। जांच में सभी सिलिंडरों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई। इन्हें न तो समय पर बदला गया और न ही दोबारा रिफिल कराया गया। ऐसे में यदि भवन में आग जैसी कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती, तो ये उपकरण प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं किए जा सकते थे।
सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा एजेंसियों की जांच प्रक्रिया को लेकर भी उठ रहा है। वीआईपी दौरे से पहले आमतौर पर संबंधित भवन का सुरक्षा ऑडिट और विस्तृत निरीक्षण किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद एक्सपायर फायर सिलिंडरों जैसी महत्वपूर्ण कमी का सामने नहीं आना सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। प्रशासनिक स्तर पर भी इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि लोक निर्माण विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप व्यवस्था कितनी जल्द दुरुस्त की जाती है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सामने आई इस चूक ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तैयारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) आर.के. नैन ने कहा कि विश्राम गृह में फायर सेफ्टी सिलिंडरों के एक्सपायर होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी की इलेक्ट्रिकल शाखा को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, क्योंकि इनकी देखरेख और रखरखाव का कार्य उसी शाखा के अधीन आता है।