Summer express/शिमला, संजू-: भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा छात्रों और जेन-जी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भाजपा नेतृत्व को सीधे कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि कंगना रनौत का बयान भाजपा की आधिकारिक सोच है या फिर उनका निजी मत। यदि यह पार्टी की विचारधारा का हिस्सा नहीं है तो उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
बुधवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलदीप राठौर ने कहा कि कंगना रनौत के बयानों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है, क्योंकि उनकी सोच से अधिक अपेक्षा नहीं की जा सकती। हालांकि उन्होंने कहा कि कंगना अब केवल फिल्म अभिनेत्री नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुनी गई सांसद हैं। ऐसे में संसद के भीतर और बाहर उनके हर बयान को देश गंभीरता से सुनता है। उन्होंने कहा कि कंगना का संबंध हिमाचल प्रदेश से है और उनके इस प्रकार के विवादित बयान देवभूमि की गरिमा तथा प्रदेश की छवि को भी प्रभावित करते हैं।राठौर ने आरोप लगाया कि कंगना ने आंदोलन कर रही छात्राओं और युवतियों के रंग-रूप, चरित्र और व्यवहार को लेकर जिस प्रकार की टिप्पणियां की हैं तथा उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है, उससे देश की करोड़ों बेटियों और महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसी महिला सांसद और जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में कंगना के विचारों से सहमत नहीं है तो अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। राठौर ने कहा कि यदि भाजपा नेतृत्व इस मामले में चुप्पी साधे रखता है तो देश की जनता यही मानेगी कि महिलाओं और छात्राओं के प्रति इस तरह की भाषा ही भाजपा की वास्तविक मानसिकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में छात्रों ने आंदोलन किया। उनके अनुसार छात्रों के बढ़ते दबाव के कारण केंद्र सरकार को अपने रुख में बदलाव करना पड़ा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की नौबत आई। उन्होंने कहा कि यह सरकार पहले दावा करती थी कि उसके शासन में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन छात्रों और युवाओं के दबाव ने उसे झुकने पर मजबूर कर दिया।राठौर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की संवेदनहीनता और अहंकारी रवैये के कारण देशभर के युवा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी और एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी।उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आईं। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी प्रदर्शन करने वाले छात्रों को घरों से निकालकर पीटे जाने की खबरें सामने आई हैं। राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा आंदोलन को बदनाम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही है और तथाकथित “डर्टी टेक्स्ट डिपार्टमेंट” के माध्यम से छात्रों की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलदीप राठौर ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में खड़े हुए थे, लेकिन भाजपा इसे भड़काने की राजनीति बताकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें एफआईआर रद्द करने के लिए नीट परीक्षा का एडमिट कार्ड दिखाने जैसी शर्त की बात कही गई थी। राठौर ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूरे घटनाक्रम के बावजूद किसी भी पुलिस अधिकारी या जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।