एजेंसी | ग्लासगो
राष्ट्रमंडल खेलों में लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का
पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं, पटियाला की भारोत्तोलक हरजिंदर कौर ने महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत की पदक संख्या 12 हो गई है। मुक्केबाजी में तीन भारतीय खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने से कम से कम तीन और पदक भी पक्के हो गए हैं। गुलवीर ने बारिश से प्रभावित ट्रैक पर 10,000 मीटर की दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय सेना के इस धावक ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह शुरुआत से ही अग्रणी धावकों के समूह के साथ बने रहे और अंतिम चरण में तेज रफ्तार के साथ पदक पर कब्जा जमाया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर का रजत पदक भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत का कोई पदक नहीं था।
हरजिंदर का शानदार प्रदर्शन
पटियाला की हरजिंदर कौर ने भी महिलाओं के 69 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में इजाफा किया। उन्होंने अपने प्रदर्शन से व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रभावशाली वापसी दर्ज की। गुलवीर और हरजिंदर के रजत पदकों के बाद भारत की कुल पदक संख्या 12 हो गई है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत के खाते में दो स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक हैं।
मुक्केबाजों के प्रदर्शन पर नजर
मुक्केबाजी में जादुमणि सिंह, प्रीति और प्रिया ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ तीनों भारतीय मुक्केबाजों के कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गए हैं। अब उनकी नजरें फाइनल में पहुंचकर पदक का रंग बदलने पर होंगी। भारत के लिए मुक्केबाजी इस खेलों में पदक जुटाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रही है। गुलवीर और हरजिंदर की उपलब्धियों ने भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई नेताओं ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है।