Summer express,विकास शर्मा , चिंतपूर्णी | विश्वविख्यात श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शनिवार शाम एक महिला श्रद्धालु की सोने की चेन काटने की कोशिश का मामला सामने आया। श्रद्धालु की सतर्कता और मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी के चलते वारदात को समय रहते विफल कर दिया गया और संदिग्ध महिला को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब के फरीदकोट से एक महिला अपने परिवार के साथ माता चिंतपूर्णी के दर्शन करने पहुंची थी। शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे जब वह मंदिर परिसर में दर्शन कर रही थी, तभी एक महिला ने उसके गले में पहनी सोने की चेन काटने का प्रयास किया। अचानक हुई गतिविधि का आभास होते ही श्रद्धालु ने शोर मचा दिया, जिससे आसपास मौजूद लोगों और सुरक्षा कर्मियों का ध्यान उसकी ओर गया।
महिला के शोर मचाने पर संदिग्ध महिला मौके से निकलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इस दौरान चेन पूरी तरह नहीं कट पाई और सुरक्षित महिला के हाथ में आ गई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
घटना के बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध महिला की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। सूचना मिलते ही मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित महिला तथा उसके परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पीड़ित महिला ने अपनी चेन सुरक्षित मिलने पर मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उसने इस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करवाने से भी इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि श्री चिंतपूर्णी मंदिर में आगामी सावन अष्टमी मेले की तैयारियां जोरों पर हैं और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में जेबकतरों और चेन स्नेचरों के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने श्रद्धालुओं से अपील की कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन, पर्स, नकदी और कीमती आभूषणों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा कर्मियों अथवा मंदिर प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि सावन अष्टमी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।