Summer express, कुल्लू। जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल महिला डॉक्टर घटना के बाद पुलिस को सूचना देना चाहती थी, लेकिन अन्य आरोपियों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। जांच एजेंसियां अब इस पूरे घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका को गहराई से खंगाल रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वारदात के समय महिला डॉक्टर के साथ उसका पति, देवर और ससुर भी मौजूद थे। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर घटना के दौरान कनिष्ठ अभियंता के साथ मारपीट का विरोध किया था और मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि, अन्य आरोपियों के दबाव के चलते उसने कोई सूचना नहीं दी और घटना करीब एक सप्ताह तक छिपी रही।
जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी सामान्य दिनचर्या का प्रदर्शन करते रहे, जिससे किसी को उन पर संदेह न हो। इस दौरान पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच करती रही, जबकि आरोपी पूरे मामले पर चुप्पी साधे रहे।
पुलिस मामले के संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कथित अवैध संबंधों की बात भी सामने आई है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसके लिए आरोपियों और मृतक के बीच हुई बातचीत तथा संपर्कों की जानकारी जुटाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार वारदात के बाद आरोपियों ने घायल कनिष्ठ अभियंता को घटनास्थल से हटाकर सड़क की ओर ले जाने और बाद में नाले में फेंकने का प्रयास किया। माना जा रहा है कि बारिश के कारण संभावित रक्त के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य काफी हद तक मिट गए, जिससे जांच को शुरुआती दौर में चुनौती का सामना करना पड़ा।
पुलिस को घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कनिष्ठ अभियंता के साथ गंभीर मारपीट की गई थी। गंभीर चोटों के कारण उन्हें उपचार के लिए एम्स बिलासपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
फिलहाल मामले के सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन लाल ने बताया कि जांच टीम सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।