Summer express/सोलन,भूपेंद्र-:सावन माह के दूसरे सोमवार को सोलन स्थित प्रसिद्ध जाटोली शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की। पूरे मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।जाटोली मंदिर के अलावा जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कुनिहार स्थित शिव तांडव गुफा, सोलन माल रोड पर स्थित नरसिंह मंदिर, श्री दुर्गा माता मंदिर तथा मुख्य बाजार के सनातन धर्म मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने शिव का जलाभिषेक किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है।श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व भी है। इसी अवधि में अमरनाथ यात्रा संपन्न होती है तथा तुलसी जयंती और कल्कि जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व भी मनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र माह में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।