Summer express/कांगड़ा, संजीव -:नूरपुर के बहुप्रतीक्षित मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व वन मंत्री एवं भाजपा नेता राकेश पठानिया ने कांग्रेस और पूर्व विधायक अजय महाजन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में अस्पताल को शुरू कराने में पूरी तरह विफल रही। उन्होंने कहा कि अब चुनाव नज़दीक आते ही जनता से नए वादे किए जा रहे हैं, जबकि तैयार अस्पताल वर्षों तक बंद पड़ा रहा।अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में राकेश पठानिया ने कहा कि नूरपुर मातृ-शिशु अस्पताल की स्वीकृति तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उनकी मांग पर प्रदान की थी। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल की मंजूरी, निर्माण और इसे साकार करने की पूरी प्रक्रिया में भाजपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जबकि कांग्रेस का कोई योगदान नहीं था।
पठानिया ने पूर्व विधायक अजय महाजन से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान अस्पताल को शुरू करने के लिए क्या प्रयास किए गए। उनका आरोप था कि अस्पताल में स्थापित मशीनरी तक हटाई जा रही थी, लेकिन उस समय कांग्रेस नेताओं ने कोई विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि चार वर्षों तक तैयार अस्पताल बंद क्यों पड़ा रहा।भाजपा नेता ने यह भी कहा कि अब कांग्रेस नेताओं द्वारा दो महीने के भीतर अस्पताल शुरू करने की बात कही जा रही है, लेकिन यदि ऐसा संभव था तो यह कार्य पहले क्यों नहीं किया गया। उनके अनुसार जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि पिछले वर्षों का जवाब चाहती है।राकेश पठानिया ने दोहराया कि भाजपा नूरपुर क्षेत्र के विकास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगातार प्रयासरत रही है और भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती रहेगी।फिलहाल, राकेश पठानिया द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस या पूर्व विधायक अजय महाजन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मातृ-शिशु अस्पताल का मुद्दा आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।