Summer express, अंकुर कपूर ,अंबाला। महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी किए जाने के बाद एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया और ब्राह्मण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने फैसले का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह को हनुमान जी की प्रतिमा और दोशाला भेंट कर सम्मानित किया।
वीरेश शांडिल्य ने कहा कि न्यायपालिका के फैसले ने पूरे मामले में सच्चाई को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि “सच्चाई परेशान हो सकती है, लेकिन पराजित नहीं हो सकती।” उनके अनुसार अदालत के निर्णय ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए अपना फैसला सुनाया है।
शांडिल्य ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और सात बार सांसद के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले के दौरान लगातार उनके समर्थकों ने अपनी बात रखी और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखा। अब अदालत के फैसले के बाद उनके समर्थकों में संतोष का माहौल है।
उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है और अदालत ने अपने निर्णय से निष्पक्ष न्याय का परिचय दिया है। शांडिल्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच और सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होती है और अदालत का फैसला सर्वोपरि होता है।
वीरेश शांडिल्य ने यह भी घोषणा की कि बृजभूषण शरण सिंह के सम्मान में जल्द ही अंबाला में एक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से बरी कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद देशभर में इस मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।