Summer express, राकेश कुमार शर्मा , करनाल। श्रावण मास के दौरान करनाल के सेक्टर-9 स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर में हुई बड़ी चोरी की वारदात ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बेखौफ चोर देर रात मंदिर में घुसे और भगवान की मूर्तियों पर सजे चांदी के मुकुट, चांदी का छत्र, शेषनाग समेत कई कीमती धार्मिक आभूषण चोरी कर फरार हो गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, चोरों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया। सबसे पहले मंदिर के चौकीदार रामविलास को उसके कमरे में बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया, ताकि वह किसी को सूचना न दे सके। चौकीदार ने बताया कि रात करीब 12 से 1 बजे तक वह जाग रहा था। सिर में दर्द होने के कारण वह अपने कमरे में जाकर सो गया। तड़के करीब तीन बजे जब उसकी नींद खुली तो उसने पाया कि कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है। काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली। सुबह पूजा के लिए पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने दरवाजा खोला, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
चोर केवल धार्मिक आभूषण ही नहीं ले गए, बल्कि अपने पीछे सबूत भी मिटाने की कोशिश कर गए। बदमाश मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़कर साथ ले गए। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि वारदात को पूरी तैयारी और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि पुलिस को जांच में कोई सुराग न मिल सके।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि मंदिर से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी मौजूद है, इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासी पवन शर्मा और अन्य लोगों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी चिंता स्वाभाविक है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि मंदिर के आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही तकनीकी और खुफिया जांच के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी की इस वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रावण मास में मंदिर में हुई इस चोरी की घटना से श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश और निराशा है। लोग प्रशासन से मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।