Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की स्पेशल सेल ने जिला सीमा शोघी के पास 1.120 किलोग्राम हाई-ग्रेड हेरोइन (चिट्टा) बरामद कर हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस इसे राज्य में अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन बरामदगी में से एक मान रही है।हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए शिमला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर शोघी बॉर्डर पर नाकाबंदी कर 1.120 किलोग्राम हाई-ग्रेड हेरोइन बरामद की। इस मामले में हरियाणा निवासी 22 वर्षीय विजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी यह खेप शिमला के तारा देवी क्षेत्र में अपने स्थानीय संपर्कों तक पहुंचाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मेहर पंवर ने बताया कि यह कार्रवाई तीन अगस्त को स्पेशल सेल द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य से नशे की बड़ी खेप शिमला लाई जा रही है। सूचना के आधार पर शोघी के पास नाकाबंदी की गई, जहां आरोपी विजय कुमार, निवासी नारायणगढ़, जिला अंबाला (हरियाणा) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1.120 किलोग्राम हाई-ग्रेड हेरोइन बरामद की गई।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी तारा देवी क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय नेटवर्क को यह खेप सौंपने की तैयारी में था। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इस तस्करी गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाया जा सके। साथ ही वित्तीय लेन-देन और अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
एएसपी मेहर पंवर ने कहा कि वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव किया है। अब केवल छोटे मामलों पर कार्रवाई करने के बजाय बड़े सप्लायरों और संगठित गिरोहों पर फोकस किया जा रहा है। तकनीकी जांच, वित्तीय जांच और PITNDPS कानून के तहत सख्त कार्रवाई की रणनीति अपनाई गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।उन्होंने बताया कि इसी रणनीति के तहत मार्च 2026 में न्यू शिमला पुलिस ने एक करोड़ रुपये मूल्य की 562 एलएसडी स्टैम्प बरामद कर मुख्य सप्लायर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें बर्खास्त कर जेल भेजा गया। इसके अलावा मार्च में आईएसबीटी शिमला से 288 ग्राम हेरोइन, अप्रैल में कुमारसैन से 11.5 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद, मई में पंजाब से 309 ग्राम हेरोइन, जून में फिरोजपुर के मुख्य सप्लायर से 131 ग्राम हेरोइन और 27 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) तथा जुलाई में शोघी बैरियर से 242 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।
एएसपी ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस चार किलोग्राम से अधिक हेरोइन, 14 किलोग्राम अफीम, 15 किलोग्राम चरस, पांच किलोग्राम से अधिक पोस्त, 11.6 ग्राम एलएसडी और करीब 60 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद कर चुकी है। इसके अलावा 10 लाख से अधिक अवैध भांग के पौधों को भी नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि 1.120 किलोग्राम हेरोइन की यह बरामदगी पुलिस की बदली हुई रणनीति और नशा तस्करी के खिलाफ जारी अभियान की बड़ी सफलता है।