Summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। देर रात हुई तेज बारिश ने अंबाला शहर और छावनी की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों, मुख्य बाजारों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कई सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए, जबकि दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में अंबाला में इसी तरह के हालात बन जाते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि नगर प्रशासन के जल निकासी सुधार के दावे जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते और थोड़ी सी बारिश में ही शहर की व्यवस्था चरमरा जाती है।
बारिश का सबसे अधिक असर शहर के बाजारों में देखने को मिला, जहां कई दुकानों और गोदामों में पानी घुस गया। दुकानदारों ने बताया कि हर वर्ष जलभराव के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पानी निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। बारिश के बाद सामने आए हालात ने नगर प्रशासन की तैयारियों और दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह जलभराव की इस पुरानी समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस और स्थायी कदम उठाता है, ताकि बारिश के दौरान अंबाला वासियों को राहत मिल सके।