Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत स्तर तक ले जाना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अपने सार्वजनिक बयानों में संयम बनाए रखना चाहिए और बिना तथ्यों के किसी पर आरोप लगाने से बचना चाहिए।
नरेश चौहान ने कहा कि हाल ही में जयराम ठाकुर ने उनके साथ-साथ उनके बेटे का भी सार्वजनिक रूप से उल्लेख किया, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर ने एक जमीन से जुड़े मामले को उनके बेटे पर हुए जानलेवा हमले से जोड़ने का प्रयास किया है। चौहान ने कहा कि यदि किसी के पास किसी भी तरह के आरोपों के समर्थन में प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल राजनीतिक लाभ के लिए बिना सबूत आरोप लगाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत जीवन और परिवार को राजनीतिक विवादों में शामिल करना सही परंपरा नहीं है। उनका कहना था कि जनता नेताओं से मुद्दों पर आधारित राजनीति की अपेक्षा करती है, न कि व्यक्तिगत आरोपों और बयानबाजी की।इस दौरान नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के विरोध मार्च पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा का प्रदर्शन राजनीतिक मजबूरी का परिणाम है। उनके अनुसार पार्टी के भीतर लंबे समय से गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है और उसी का असर अब सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपने संगठनात्मक हालात पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह सरकार पर निराधार आरोप लगाए।
फोन टैपिंग और बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने के भाजपा के आरोपों को भी नरेश चौहान ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक माहौल बनाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि विपक्ष को तथ्यों के आधार पर सरकार की आलोचना करनी चाहिए, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के जरिए भ्रम फैलाना चाहिए।नरेश चौहान ने भाजपा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश की जनता के लिए किन मुद्दों पर संघर्ष कर रही है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व को अपने संगठन के भीतर मौजूद मतभेदों पर भी जवाब देना चाहिए। उनका कहना था कि प्रदेश की जनता विकास और जनहित के मुद्दों पर राजनीति चाहती है, जबकि विपक्ष लगातार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझा हुआ है।
नरेश चौहान के इस जवाब के बाद प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। एक ओर भाजपा सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमलावर है, वहीं सरकार की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का लगातार जवाब दिया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश की राजनीति में यह जुबानी जंग और अधिक तीखी होने की संभावना जताई जा रही है।