मोनिका रावत | चंडीगढ़
समर न्यूज
सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार कैमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने हथियार सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाने वाले हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ गोली को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस उसे कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लेकर आई। धर्मेंद्र के खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जानकी दास की हत्या में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई में उसकी अहम भूमिका रही है। वहीं, विदेश में बैठे गैंगस्टर राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि उनका नाम अभी तक चार्जशीट में नहीं है। पुलिस उनके खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी। इस चर्चित हत्याकांड में सेक्टर-11 थाना पुलिस जिला अदालत में 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें जम्मू निवासी शूटर सन्नी मेहरा, अमित उर्फ शराबी, उनके तीसरे साथी आर्यन समेत नौ लोगों को आरोपित बनाया गया है। चार्जशीट में पुलिस ने शूटर सन्नी मेहरा का कबूलनामा भी शामिल किया है, जिससे खुलासा हुआ कि हमलावरों का शुरुआती मकसद जानकी दास की हत्या करना नहीं, बल्कि कुमार ब्रदर्स को डराना था।
टारगेट का नाम नहीं, सिर्फ हुलिया बताया था
सन्नी के मुताबिक, गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर उसे और अमित को बताया गया था कि सेक्टर-11 में दो भाई कुमार मेडिकल स्टोर चलाते हैं और उन्हें डराना है। बाद में उन्हें बताया गया कि कैश काउंटर पर मोटा आदमी बैठेगा, जिसके साथ लंबा लड़का होगा। उसके गले में सोने की चेन और हाथ में कड़ा होगा। हालांकि, शूटरों को न तो टारगेट का नाम बताया गया और न ही उसकी स्पष्ट पहचान करवाई गई। सन्नी ने बताया कि उन्होंने कई बार दुकान की रेकी की। एक बार दुकान में जाकर दर्द की दवा भी खरीदी, लेकिन बताए गए हुलिए का व्यक्ति नहीं मिला। 13 जून को दोपहर करीब 2:10 बजे वह अमित के साथ सेक्टर-11 पहुंचे। तीसरा साथी आर्यन बाइक लेकर उनका इंतजार कर रहा था। इलाके में श्री कुमार नाम से कई दुकानें होने के कारण वे भ्रमित थे। इसी दौरान एक दुकान के काउंटर पर बताए गए हुलिए जैसा मोटा व्यक्ति दिखाई दिया। सन्नी और अमित दुकान में घुसे और सन्नी ने उस पर गोलियां चला दीं। अमित की पिस्टल से गोली नहीं चली। वारदात के बाद तीनों बाइक पर फरार हो गए। जिस व्यक्ति की हत्या हुई, वह कैशियर जानकी दास था।
जम्मू की जेल से मिला था हत्या का काम
सन्नी के कबूलनामे के अनुसार, अमित उर्फ शराबी ने उसे बताया था कि उसका दोस्त रोहित उर्फ मक्खन जम्मू की आमफला जेल में बंद है और चंडीगढ़ में बड़ा काम करवाना चाहता है। इसके लिए मोटी रकम देने की बात कही गई थी। इसके बाद गोल्डी ढिल्लों के निर्देश पर वे जालंधर पहुंचे, जहां सरपंच नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। फिर अमृतसर होते हुए तरनतारन पहुंचे। वहां खान नाम के व्यक्ति ने उन्हें एक जिगाना और एक .30 बोर पिस्टल के साथ 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद वे टैक्सी से चंडीगढ़ पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया था।