Summer express, बहादुरगढ़। बाग वाला मोहल्ला में बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच करंट लगने से 38 वर्षीय ओमप्रकाश की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने नगर परिषद, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस को दी शिकायत में पटेल नगर निवासी नवीन ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच सूचना मिली कि बाग वाला मोहल्ला स्थित सोनू बादशाह चिकन शॉप के पास जलभराव वाले क्षेत्र में एक बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे ओमप्रकाश इसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शिकायत के अनुसार, क्षेत्र में बारिश के बाद लंबे समय से जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर पानी जमा था। वहीं बिजली के खंभे, हाईटेंशन लाइन, केबल और मीटर बॉक्स भी जमीन से अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर लगे हुए थे, जिससे खतरा और बढ़ गया। आरोप है कि इन परिस्थितियों के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
मृतक के परिजनों का कहना है कि बाग वाला मोहल्ला में जलभराव और बिजली सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार संबंधित विभागों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान किया जाता तो ओमप्रकाश की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों ने यह भी बताया कि मृतक वाल्मीकि समाज से संबंधित था और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। ऐसे में उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
थाना शहर के जांच अधिकारी एसआई सचिन ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और जांच में जो भी व्यक्ति या विभागीय अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में रोष देखने को मिला। इनेलो नेत्री शीला नफे सिंह राठी, कपूर राठी और भूपेंद्र सिंह राठी समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बाग वाला मोहल्ला वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन नगर परिषद और संबंधित विभागों ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पुलिस के अनुसार मामला बीएनएस की धारा 106 के तहत दर्ज किया गया है, जो लापरवाही के कारण हुई मृत्यु से संबंधित है। वहीं धारा 3(5) सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़े मामलों में लागू होती है। अब जांच के जरिए यह तय किया जाएगा कि हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही बरती गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।