Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। अंबाला कैंट के प्रसिद्ध हस्तशिल्प प्रतिष्ठान शाही हैंडीक्राफ्ट्स के पंजीकृत ट्रेडमार्क की कथित नकल कर कारोबार करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने एक व्यक्ति पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जीएसटी, बैंक खाते और अन्य सरकारी रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर करने के आरोप लगाए हैं। अदालत के आदेश के बाद महेश नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह सलूजा के अनुसार, शाही हैंडीक्राफ्ट्स कई वर्षों से हस्तशिल्प उत्पादों का कारोबार कर रहा है। उनके प्रतिष्ठान के ब्रांड का ट्रेडमार्क वर्ष 2018 में विधिवत पंजीकृत कराया गया था। आरोप है कि जसविंदर सिंह ने इसी पंजीकृत ट्रेडमार्क की कथित नकल करते हुए उसी नाम से कारोबार शुरू करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी से जुड़े रिकॉर्ड में नाम और अन्य जानकारियों से छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा बैंक खाता खुलवाने तथा अन्य दस्तावेज तैयार कराने में भी कथित तौर पर गलत जानकारी का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने कथित रूप से झूठे हलफनामे के आधार पर दस्तावेज तैयार करवाए और डुप्लीकेट प्रमाणपत्र भी बनवाया।
दूसरी फर्म के नाम से पंजीकरण कराने का भी आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनके साथ कथित तौर पर एक के बाद एक तीन तरह की धोखाधड़ी की गई। उन्होंने बताया कि शाही हैंडीक्राफ्ट्स के बाद उनकी दूसरी फर्म के नाम से भी पंजीकरण कराने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन समय रहते इसकी जानकारी मिल गई और मामला सामने आ गया।
शिकायतकर्ता ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई में सहयोग के लिए अपने अधिवक्ता पुष्कर शर्मा का आभार जताया। उनका कहना है कि अधिवक्ता की मदद से उन्हें मामले को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाने में सहायता मिली।
अदालत के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में अदालत के आदेश के बाद महेश नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अंबाला कैंट के डीएसपी के अनुसार, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 261 तथा ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999 की धाराओं 103, 104 और 105 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस अब ट्रेडमार्क, जीएसटी, बैंकिंग और अन्य संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।