Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल टल गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, एसोसिएशनों और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद संयुक्त एक्शन कमेटी ने 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई मुद्दों पर मंत्री ने समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह समेत बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
संयुक्त एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि एग्री डिस्कॉम के गठन, समानांतर निजी बिजली कंपनी को लाइसेंस देने और स्मार्ट मीटर लगाने के मुद्दे उनकी प्रमुख मांगों में शामिल थे। ऊर्जा मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया। एग्री डिस्कॉम के गठन को लेकर अनिल विज ने कहा कि मुख्यमंत्री के बजट भाषण में इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन विभागीय स्तर पर अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ भी अभी औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। भविष्य में यदि इस संबंध में कोई प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो संबंधित हितधारकों से बातचीत की जाएगी।
स्मार्ट मीटर योजना पर स्थिति स्पष्ट करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि फिलहाल स्मार्ट मीटरों की खरीद के लिए कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं के पास प्रीपेड और पोस्टपेड, दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
चारों बिजली निगमों में विभिन्न पदों के गठन और पुनर्सृजन से जुड़े मामले पर मंत्री ने अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव तैयार कर रेशनलाइजेशन कमीशन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोग से इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का अनुरोध करने को कहा। बैठक में ऑनलाइन ट्रांसफर नीति पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने जूनियर इंजीनियर से नीचे के तकनीकी पदों को फिलहाल ऑनलाइन ट्रांसफर नीति से बाहर रखने के निर्णय के लिए ऊर्जा मंत्री का आभार जताया।
कर्मचारियों की मेडिकल कैशलेस और मेडिक्लेम सुविधा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अनिल विज ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ बैठक कर बिजली कर्मचारियों की समस्याओं को रखा जाएगा। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की पदोन्नति रोस्टर रजिस्टर के नियमों के अनुसार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बिजली निगमों में डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों के लिए संबंधित पदों के अनुरूप एचकेआरएन के समान दर निर्धारित करने की दिशा में प्रस्ताव तैयार कर सरकार और मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए। जोखिम वाले कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए रिस्क भत्ते पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि जोखिमपूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिस्क भत्ता मिलना चाहिए और इसके लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जो निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट देगी।
इलेक्ट्रिसिटी भत्ते के संबंध में अधिकारियों को देश के विभिन्न राज्यों के बिजली निगमों में लागू व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मुद्दे पर अगली बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी। ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु या दुर्घटना होने की स्थिति में मिलने वाले एक्स-ग्रेशिया लाभ को पांच वर्ष की सेवा की शर्त के बिना लागू करने के निर्देश भी मंत्री ने दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव पहले ही सरकार को भेजा जा चुका है।
एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति में 35 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग भी बैठक में रखी गई। ऊर्जा मंत्री ने इस मामले का अध्ययन कराने और कर्मचारी प्रतिनिधियों से सुझाव लेने का आश्वासन दिया। एसोसिएशन ने कैडर स्पेसिफिक एसीपी की मांग भी रखी, जिस पर मंत्री ने मामले को विभाग की आंतरिक कमेटी के समक्ष रखने और कर्मचारी प्रतिनिधियों से सुझाव लेने की बात कही। इन आश्वासनों के बाद एसोसिएशन ने भी प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।
बैठक में एएचपीसी वर्कर्स यूनियन हिसार, हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा, एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।