Summer express, गुरदासपुर । पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण रावी नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। नदी में तेज बहाव और बढ़ते पानी को देखते हुए मकोड़ा पत्तन से संचालित किश्ती सेवा को एहतियातन बंद कर दिया गया है। किश्ती सेवा बंद होने से रावी नदी के पार बसे करीब आधा दर्जन गांवों का मुख्य क्षेत्र से संपर्क प्रभावित हो गया है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रावी के दूसरी तरफ रहने वाले ग्रामीण लंबे समय से मकोड़ा पत्तन की किश्ती सेवा के जरिए गुरदासपुर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। इन गांवों के छात्र, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण अपनी पढ़ाई, रोजगार, खेती और जरूरी सामान की खरीदारी के लिए इसी सेवा पर निर्भर हैं। नदी का बहाव तेज होने के कारण नाव संचालन को जोखिमपूर्ण मानते हुए फिलहाल सेवा रोक दी गई है।
किश्ती सेवा बंद होने के बाद सबसे अधिक चिंता आपात स्थिति को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या अन्य मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में उसे अस्पताल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रोजाना काम के लिए मुख्य इलाके में आने-जाने वाले लोगों को भी अब अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से रावी नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी सामान्य होने तक किश्ती सेवा शुरू करना लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, यदि सेवा लंबे समय तक बंद रहती है तो प्रशासन को नदी के पार बसे गांवों के लोगों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो।
प्रशासन की ओर से नदी के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों की नजर अब रावी नदी के जलस्तर पर बनी हुई है और वे सुरक्षित परिस्थितियां बनने के बाद ही किश्ती सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं।