Summer express/हमीरपुर/अरविंद -:हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के माध्यम से चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना भी ऐसी ही एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए सरकार की ओर से 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह के समय आर्थिक संबल प्रदान करना है।इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिल सकता है, जहां बेटी के पिता की मृत्यु हो चुकी हो अथवा पिता 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से प्रभावित हों और बेटी के विवाह की जिम्मेदारी मां उठा रही हो। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। विभाग ने पात्र परिवारों से योजना का लाभ उठाने के लिए समय पर आवेदन करने का आह्वान किया है। खास बात यह है कि विवाह के छह माह के भीतर आवेदन करने पर ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय तीसा की पर्यवेक्षक धनी देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद उपयोगी योजना है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पात्र परिवार की बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की सहायता राशि सरकार की ओर से दी जाती है।उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं के पति की मृत्यु हो चुकी है या जिनके पति 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग हैं, वे निर्धारित पात्रता पूरी करने पर इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।धनी देवी ने लोगों से अपील की कि पात्र परिवार योजना के लिए समय रहते आवेदन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह की तारीख से छह महीने तक ही योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में पात्र परिवार आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन कर सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।