Summer express, मोनिका रावत , चंडीगढ़ I शहर को नशा मुक्त बनाने की मुहिम में अब नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई और तेज करने की तैयारी है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशे का अवैध कारोबार करने वालों को दो टूक चेतावनी दी कि वे यह धंधा छोड़ दें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर निगम के मेयर सौरभ जोशी ने नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर दी। उन्होंने प्रशासक से ऐसी कार्रवाई की अनुमति देने का आग्रह किया और चंडीगढ़ प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
नगर निगम की ओर से आयोजित नशा मुक्त जागरूकता कार्यक्रम में प्रशासक ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से शुरू किए गए सामुदायिक नशा जागरूकता अभियान और चंडीगढ़ बीओपार मंडल के तीन महीने के बाजार-स्तरीय अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पोषण माह-2026 की गतिविधियों का भी शुभारंभ किया गया।
नशे के सौदागरों को चेतावनी, नशेड़ियों के प्रति अपनाएं संवेदनशीलता
कटारिया ने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि इससे पूरा समाज प्रभावित हो रहा है। नशा व्यक्ति के साथ परिवार और समुदाय को भी बर्बाद करता है और देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। पठानकोट में नशे की ओवरडोज से दो बच्चों के प्रभावित होने की सामने आई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामले सामूहिक स्तर पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करते हैं।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पहली लड़ाई परिवार के स्तर पर लड़नी होगी। माता-पिता को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें सही दिशा देनी होगी। स्कूल और शिक्षक भी बच्चों को स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशासक ने कहा कि नशे के कारोबारियों की पहचान कर उनके नेटवर्क पर कार्रवाई के प्रयास तेज किए जाएंगे। हालांकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के प्रति समाज को संवेदनशील रवैया अपनाना होगा। ऐसे लोगों को इलाज, काउंसलिंग, पुनर्वास, शिक्षा और रोजगार से जोड़कर दोबारा सामान्य जीवन में लाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
एसएचजी घर-घर पहुंचाएंगे नशे के खिलाफ संदेश
कटारिया ने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), मार्केट एसोसिएशन, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों और आम लोगों से मिलकर अभियान चलाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्कूलों, कालेजों, सेक्टरों, कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए। स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ये समूह जमीनी स्तर पर प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर उन्हें काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ सकते हैं।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए उन्होंने खेल, कौशल विकास, तकनीक, उद्यमिता, संगीत, पढ़ाई और सामुदायिक सेवा जैसे सकारात्मक विकल्प अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने नशे की रोकथाम और पुनर्वास में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत पर भी जोर दिया।
मेयर बोले—नशे के सौदागरों के घरों पर चले बुलडोजर
मेयर सौरभ जोशी ने कार्यक्रम में नशा तस्करों के खिलाफ और आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “नशे के सौदागरों के घरों पर बुलडोजर चलवाना चाहिए।” मेयर ने प्रशासक से इस तरह की कार्रवाई की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे नशे के कारोबारियों में कड़ा संदेश जाए।
मेयर ने विद्यार्थियों से नशा मुक्त चंडीगढ़ अभियान का सक्रिय हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। नगर निगम की ओर से स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर नशा मुक्ति चंडीगढ़ के तहत घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया है। समूह परिवारों और निवासियों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसकी रोकथाम के बारे में जानकारी देंगे।
हर बाजार में तीन महीने चलेगा अभियान
चंडीगढ़ बीओपार मंडल ने भी नशा मुक्ति अभियान में नगर निगम के साथ हाथ मिलाया है। मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने घोषणा की कि चंडीगढ़ के प्रत्येक बाजार में तीन महीने तक नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत दुकानदारों, कर्मचारियों, ग्राहकों, परिवारों और आम लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।
विशेष आयुक्त नगर निगम हरप्रीत सिंह सूडान ने कार्यक्रम में नशा मुक्ति चंडीगढ़ के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी रखी और स्वस्थ परिवार व स्वस्थ समाज के लिए सामुदायिक भागीदारी को जरूरी बताया।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे से व्यक्ति, परिवार, समाज और देश पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव को दिखाया गया। सेक्टर-35 के सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक ने नशे की भयावहता पर विशेष गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विद्यार्थी, शिक्षक और एनएसएस स्वयंसेवक भी शामिल हुए।
एकजुट होकर लड़नी होगी नशे के खिलाफ लड़ाई
कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बनाया जा सकता। प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, स्कूल-कालेज, बाजार संगठन, आरडब्ल्यूए, स्वयं सहायता समूह, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों को मिलकर इसे जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे नशा विरोधी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि अब इसे लगातार चलने वाले जनअभियान में बदलने की जरूरत है।