summer express , अंकुर कपूर, अंबाला। हरियाणा की मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है। अंबाला कैंट की अनाज मंडी में भी बड़ी मात्रा में किसान अपनी तैयार धान की फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए, ताकि उन्हें फसल बेचने के लिए मंडी में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
अंबाला कैंट अनाज मंडी में अब तक करीब 10 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। मंडी में धान की फसल जगह-जगह दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि कई किसान पिछले चार-पांच दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में बैठे हैं। खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समय की भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसानों ने बताया कि धान की कटाई के बाद उन्हें मंडी में फसल लानी पड़ती है, क्योंकि घर पर बड़ी मात्रा में अनाज रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। वहीं, मंडी में फसल पड़ी होने के दौरान बारिश का खतरा भी बना रहता है। किसानों के मुताबिक दो दिन पहले हुई तेज बारिश के कारण मंडी में रखी फसल भी प्रभावित हुई थी। किसानों को चिंता है कि अगर मौसम खराब हुआ तो उनकी धान की फसल भीगकर खराब हो सकती है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल मंडी में पहुंचते ही उसकी खरीद शुरू होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि धान की बिक्री में देरी के कारण उनके ट्रैक्टर और किसान दोनों मंडी में रुके हुए हैं, जबकि उन्हें अगली फसल, खासकर आलू की खेती के लिए खेत तैयार करने हैं। किसानों ने यह भी बताया कि मंडी में अभी गेहूं की पुरानी फसल भी पड़ी हुई है, जिससे धान रखने के लिए जगह की समस्या पैदा हो रही है।
इस संबंध में अंबाला कैंट मंडी के सेक्रेटरी नीरज भारद्वाज ने बताया कि मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है और किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ किसान धान को सुखाने के बाद वापस घर ले जा रहे हैं, जबकि कुछ किसान मंडी में ही फसल रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 10 हजार क्विंटल धान की आवक दर्ज की जा चुकी है।
मंडी सेक्रेटरी ने कहा कि धान की सरकारी खरीद को लेकर मंडी प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों के लिए रात में रोशनी, स्वच्छ पेयजल और किसान मजदूर अटल कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां 10 रुपये में भोजन मिलता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि आढ़तियों को मॉइश्चर मीटर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मंडी में पहुंचने वाली धान की फसल में नमी की जांच की जा सके। बारिश की स्थिति में किसानों की फसल को बचाने के लिए आढ़तियों के पास पर्याप्त तिरपाल और पॉलिथीन उपलब्ध रखने की व्यवस्था भी की गई है।
मंडी प्रशासन के अनुसार मंडी में पहुंच रही धान की फसल का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। सरकारी खरीद शुरू होने के बाद किसानों को अपनी फसल की जानकारी दिखाकर गेट पास जारी करवाना होगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू कर उन्हें मंडी में हो रही परेशानियों से राहत दिलाई जाए।