चंडीगढ़। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रशासन के औषधि नियंत्रण विंग ने शहर की तीन केमिस्ट दुकानों पर छापेमारी कर प्रेगाबालिन, ट्रामाडोल और कोडीन युक्त दवाइयां जब्त की हैं। तीनों दुकानों से कुल 1748 कैप्सूल और 38 बोतल कफ सिरप बरामद हुए हैं। जब्त दवाइयों की कुल अनुमानित कीमत करीब 66 हजार रुपये है। संबंधित फर्मों के पास जब्त दवाइयों की खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं मिले।
कार्रवाई मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए की गई। यह अभियान सचिव स्वास्थ्य और निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं-सह-औषधि नियंत्रक, यूटी चंडीगढ़ के मार्गदर्शन में चलाया गया। टीम में औषधि निरीक्षक तजिंदर सिंह और अमित लखनपाल शामिल रहे।
सेक्टर-40 में 820 कैप्सूल जब्त
16 सितंबर की रात करीब 10 बजे टीम ने सेक्टर-40 स्थित साईं मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया। यहां से प्रेगाबालिन युक्त पांच प्रकार की दवाइयों के 820 कैप्सूल जब्त किए गए। इनकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बताई गई है। दुकान संचालक जब्त दवाइयों की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका।
सेक्टर-41 से ट्रामाडोल और कोडीन बरामद
17 सितंबर को सेक्टर-41 स्थित सूद मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की गई। यहां से ट्रामाडोल और कोडीन युक्त तीन प्रकार की दवाइयां, 120 कैप्सूल और कफ सिरप की 35 बोतलें बरामद की गईं। इनकी कीमत करीब 27 हजार रुपये है। संबंधित रिकॉर्ड नहीं दिखाए जाने पर दवाइयां जब्त कर ली गईं।
सेक्टर-23-सी में एएनटीएफ भी साथ
18 सितंबर की रात करीब 10 बजे औषधि नियंत्रण विंग ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ सेक्टर-23-सी स्थित राय मेडिकोज पर छापा मारा। यहां से प्रेगाबालिन और कोडीन फॉस्फेट युक्त पांच प्रकार की दवाइयों के 800 कैप्सूल और कफ सिरप की तीन बोतलें जब्त की गईं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 26 हजार रुपये है।
औषधि नियंत्रक, यूटी चंडीगढ़ की ओर से तीनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।