summer express , सिरसा। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकों में लोगों की शिकायतों के समाधान और जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने रात सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर आरोप लगाया कि जिले में लोगों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है और विभिन्न विभागों में कामकाज की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब सिरसा में एम्स मिलने पर उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया था, तो अब जिले की मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी बात रखना भी उनका दायित्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का अध्यक्ष बताते हुए सिरसा में समस्याओं के समाधान की गति पर सवाल उठाए।
विधायक ने प्रशासन के विभिन्न विभागों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर प्रशासन में काम अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रहा, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त ग्रांट नहीं है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई काम समय पर और ठीक तरीके से नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा नहरों में पानी की समस्या और तहसील स्तर पर अधिकारियों की अनुपलब्धता का भी उन्होंने उल्लेख किया।
गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में पंजाबी में लिखा कि अगर सिरसा को हरियाणा का हिस्सा नहीं समझा जा रहा है तो उसे किसी दूसरे राज्य में शामिल कर देना चाहिए। विधायक की इस टिप्पणी के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और लोगों की शिकायतों के समाधान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
गौरतलब है कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की पहली बैठक में सिरसा विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल सिंह केहरवाला और ऐलनाबाद विधायक के प्रतिनिधि सुमित बेनीवाल शिकायतों के साथ पहुंचे थे। इसके बाद हुई बैठकों में विधायकों की मौजूदगी को लेकर स्थिति अलग रही।
12 सितंबर को हुई बैठक के दौरान पंचायत भवन परिसर के पार्क में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि बैठक स्थल के हॉल में केवल निर्धारित शिकायतकर्ताओं को ही प्रवेश दिया गया, जबकि अन्य लोग बाहर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मुख्यमंत्री के बैठक से रवाना होने के बाद बाहर मौजूद लोगों से शिकायतें लेने की प्रक्रिया हुई, लेकिन विधायक का आरोप है कि इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।