समर न्यूज | पटियाला
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने पारंपरिक शहरी आधार से आगे बढ़कर सिख और ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने मई में जाट सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाया। इसके अलावा पूर्व सांसद एवं अधिवक्ता हरविंदर सिंह फूलका को पार्टी में शामिल किया गया।
इन कदमों को पंजाब में भाजपा के संगठनात्मक और सामाजिक आधार का विस्तार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पंजाब की राजनीति में सिख मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए भाजपा लंबे समय से अपने संगठन को इस समुदाय के बीच विस्तार देने की कोशिश कर रही है।
शिरोमणि अकाली दल के साथ करीब तीन दशक तक गठबंधन में रहने के दौरान भाजपा को ग्रामीण और सिख मतदाताओं तक सहयोगी दल के माध्यम से पहुंच मिलती थी। 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने राज्य में स्वतंत्र संगठन खड़ा करने पर जोर दिया है। केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के साथ भाजपा ने संगठन में सिख नेतृत्व को प्रमुखता दी है। पार्टी के भीतर इसे ग्रामीण पंजाब, खासकर मालवा क्षेत्र में संगठन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से जुड़े राजनीतिक नेटवर्क और अन्य सिख नेताओं के जरिए भी पार्टी विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
फूलका को भाजपा में शामिल करना भी इसी विस्तार की कड़ी के रूप में सामने आया। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ने वाले फूलका के पार्टी में आने से भाजपा को सिख समुदाय में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई थी।
धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों पर फोकस: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब में संत रविदास से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए दलित और रविदासिया समुदाय तक भी संपर्क बढ़ाया है। पार्टी ने गुरु रविदास की जन्मस्थली की मिट्टी से जुड़े कलश अभियान को पंजाब में चलाया। जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख निरंजन दास से मुलाकात को भी पार्टी के सामाजिक संपर्क अभियान के संदर्भ में देखा गया।
{नशे का मुद्दा भी प्रमुख: सितंबर में भाजपा ने पंजाब में चार मार्गों से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। 18 से 30 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा का समापन जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से होना है। पार्टी नशे, रोजगार, कानून-व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान के प्रमुख विषयों में शामिल कर रही है।
{गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट: भाजपा ने फिलहाल शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावना से दूरी बनाए रखी है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सितंबर में कहा था कि अभी दोनों दलों के बीच गठबंधन नहीं है। पंजाब भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने भी पार्टी के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में अपने स्तर पर तैयारी करने की बात कही है। ऐसे में सिख मतदाताओं तक सीधी पहुंच बढ़ाना तैयारी का प्रमुख हिस्सा है।