27 August, 2025
मॉनसून सत्र के आठवें दिन विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान APMC शिमला व किन्नौर द्वारा 70 दुकानों के आबंटन का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष ने आबंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।
कांग्रेस विधायक रणधीर ने सरकार पर आरोप लगाया कि कम किराए पर अपने नज़दीकी लोगों को दुकानें आवंटित की गईं और अधिकारियों के तबादले कर मामले को दबाने की कोशिश की गई। विपक्ष के असंतोष जताने पर उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने भी कहा कि पराला सब्जी मंडी में 5 हज़ार रुपये में दुकानें किराए पर दी गईं, जबकि 10 साल पहले इनकी कीमत 50 से 80 हज़ार रुपये तक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आबंटन में भाई-भतीजावाद हुआ है और पराला CA स्टोर व फूड प्रोसेसिंग प्लांट में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है।
वहीं, आरोपों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि दुकानों का आवंटन नियमों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि ये दुकानें कनॉट प्लेस या मॉल रोड शिमला जैसे स्थानों पर नहीं हैं, जहां सालभर काम होता है। पराला, शिलारू और टूटू में स्थित दुकानों का आवंटन तो आधार मूल्य से भी ऊपर हुआ है।कृषि मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायक चाहें तो 90 हज़ार रुपये में दुकान लेकर 12 महीने वहां बैठकर “मक्खियां और कुत्ते भगाने का काम” कर सकते हैं।