चंडीगढ़ | हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अब प्रदेश में किसी भी खिलाड़ी को बिना आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के खेल प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन ने इस संबंध में नए नियम लागू कर दिए हैं। यह बदलाव उन असली खिलाड़ियों के लिए राहत है, जिनकी मेहनत अक्सर फर्जीवाड़े की वजह से पीछे छूट जाती थी।
फर्जी सर्टिफिकेट का खुलासा
सरकार को मिली शिकायतों की जांच में 76 संदिग्ध खेल प्रमाणपत्र सामने आए। इनमें से कई का इस्तेमाल सरकारी नौकरियों में दाखिला लेने के लिए किया गया था। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए संघ के महासचिव कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि अब से केवल मेरिट पर चयनित खिलाड़ियों को ही प्रमाणपत्र मिलेगा और उसकी पूरी जांच-पड़ताल अनिवार्य होगी।
अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
संघ की अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने बताया कि संदिग्ध प्रमाणपत्रों की सूची राज्य के 15 जिलों के खेल अधिकारियों को भेज दी गई है। इसमें भिवानी से लेकर सोनीपत तक के जिले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम न सिर्फ खेलों में पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि खिलाड़ियों में विश्वास भी जगाएगा कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन होगा।