जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार देर रात सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में लगी भीषण आग ने 6 मरीजों की जान ले ली, जबकि कई अन्य मरीज झुलस गए या गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा रविवार रात करीब 12:30 बजे ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल स्थित ICU में हुआ, जब अधिकतर मरीज वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि हादसे के समय ICU और सेमी-ICU में 18 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 11 मरीज उसी वार्ड में थे जहाँ आग लगी।
धुएं और जहरीली गैसों के फैलने से स्थिति गंभीर हो गई। कई मरीज पहले से गंभीर या कोमा में थे, जिससे वे समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे सके।
6 मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें 4 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं।
दमकल की 12 गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
आग लगते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ, सुरक्षा कर्मी और परिजन मरीजों को बाहर निकालने में जुट गए।
दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सभी 18 मरीजों को सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट किया गया, जिनमें 5 की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
अस्पताल स्टाफ और परिजनों में से कई लोगों को धुएं से सांस लेने में दिक्कत हुई, जिनका इलाज वहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रात में ही अस्पताल पहुंचे और स्थिति का मौके पर जायजा लिया।
सीएम ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
हाई-लेवल जांच के आदेश, सुरक्षा सिस्टम की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, फायर अलार्म और आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि ICU का फायर डिटेक्टर सिस्टम बंद था और आपातकालीन निकासी मार्गों में अवरोध थे, जिसके कारण मरीजों को बाहर निकालने में देरी हुई।