हमास | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के रुख का समर्थन करते हुए हमास को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर हमास ने गाजा पर कब्जा बनाए रखने और उनके प्रस्तावित संघर्षविराम समझौते में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसका परिणाम “पूर्ण विनाश” होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप यह बयान अपने 20-बिंदुओं वाले संघर्षविराम प्रस्ताव पर दिए गए सवालों के जवाब में दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि अगर हमास सत्ता में बने रहने पर अड़ा रहा तो क्या होगा, उन्होंने दो टूक कहा – “पूर्ण विनाश!”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इज़राइल और हमास के बीच मिस्र में उच्च स्तरीय वार्ता होने वाली है। ट्रंप ने इस वार्ता के लिए अपने दामाद जेरेड कुश्नर और वरिष्ठ वार्ताकार स्टीव विटकोफ को काहिरा भेजा है ताकि अमेरिका की ओर से बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, इज़राइल का एक प्रतिनिधिमंडल भी मिस्र में मौजूद है।
जब ट्रंप से यह पूछा गया कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया है कि हमास पहले ही योजना को ठुकरा चुका है और हथियार छोड़ने से इनकार कर रहा है, ट्रंप ने कहा – “हम देखेंगे, समय ही बताएगा।”
ट्रंप ने आगे बताया कि इस सप्ताह इज़राइल ने उनके संघर्षविराम प्रस्ताव की प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमति जताई है। इस योजना में चरणबद्ध इज़राइली वापसी, बंधक-विनिमय और हमास का निष्क्रियकरण शामिल है। ट्रंप ने कहा कि अब उनकी प्रशासन हमास की अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रही है, जिसके बाद संघर्षविराम तुरंत लागू किया जाएगा।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा
“वार्ता के बाद, इज़राइल ने प्रारंभिक वापसी रेखा पर सहमति दी है। जैसे ही हमास इसकी पुष्टि करेगा, संघर्षविराम लागू होगा, बंधकों की रिहाई शुरू होगी और हम वापसी के अगले चरण की तैयारी करेंगे। यह कदम तीन हजार साल पुराने संघर्ष के अंत की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा।”
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस योजना पर सहमत हैं। उन्होंने बताया कि इज़राइल ने गाजा पर हमले अस्थायी रूप से रोक दिए हैं, जो समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस बीच, अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उसी दिन इज़राइली हवाई हमलों में कम से कम 70 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें सात बच्चे भी शामिल थे। ये हमले ट्रंप की उस अपील के बाद हुए, जिसमें उन्होंने कहा था — “गाजा पर बमबारी तुरंत रोकें।”
ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में इसे “बड़ा दिन” बताते हुए कहा कि हमास की प्रतिक्रिया “अभूतपूर्व और सकारात्मक संकेत” है, जो क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।