सोनीपत | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तीन दिवसीय जापान दौरा राज्य के औद्योगिक, कृषि और तकनीकी विकास के लिए ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं बन रही हैं, जो हरियाणा के विकास में नए अध्याय की नींव रख रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पहले विदेशी दौरे के रूप में जापान को चुना, जो भारत में निवेश और औद्योगिक सहयोग का पुराना साथी रहा है। जापानी कंपनियों ने हरियाणा की निवेशक-हितैषी नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और उद्योग-अनुकूल वातावरण की सराहना की।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एआईएसआईएन, एयर वाटर, डेंसो, सोजित्ज़, डाइकिन और टोप्पन जैसी जापानी कंपनियों से मुलाकात की। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 4400 करोड़ रुपये से अधिक के 10 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके जरिए हरियाणा में हजारों युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर बनेंगे।
‘मिनी जापान सिटी’ और औद्योगिक मॉडल टाउनशिप
मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में घोषित 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के विजन को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उनका लक्ष्य है कि इन टाउनशिप में से कम से कम एक को जापानी निवेशकों के सहयोग से विकसित किया जाए, जिससे दोनों देशों की नई पीढ़ी विकास में भागीदारी निभा सके।
कृषि में तकनीकी सहयोग
किसान होने के नाते मुख्यमंत्री ने जापान की कृषि तकनीक हरियाणा के किसानों तक पहुँचाने पर जोर दिया। ओसाका के कुबोटा ट्रैक्टर प्लांट का दौरा करते हुए उन्होंने हरियाणा में 2000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की पेशकश को स्वीकार किया। मुख्यमंत्री का मानना है कि हरियाणा के मेहनती किसानों और जापानी तकनीक के संगम से कृषि में नई ऊँचाइयाँ तय होंगी।
हरियाणा: ‘ग्लोबल ग्रोथ हब’ की ओर
नायब सिंह सैनी का यह दौरा केवल निवेश यात्रा नहीं, बल्कि हरियाणा को ‘ग्लोबल ग्रोथ हब’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में हरियाणा पैवेलियन ने जापानी और हरियाणवी नवाचारों का संगम दिखाया। इस सहयोग से भारत और जापान मिलकर ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करेंगे और हरियाणा को नए भारत के मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाएंगे।